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प्रस्तावना
री गणपति अष्टोत्तर शतनामावली पूजन भगवान श्री गणेश को समर्पित एक पवित्र और पारंपरिक विधि है। गणपति विघ्नों का नाश करने वाले, बुद्धि और सफलता प्रदान करने वाले देवता हैं। इस पूजन को श्रद्धा से करने पर मन की शुद्धि होती है, दोष दूर होते हैं और घर, परिवार व कार्यों में शुभता बढ़ती है। इस पोस्ट में संपूर्ण पूजन विधि, मंत्र, लाभ और गणपति के 108 नाम दिए गए हैं।
री गणपति पूजन का महत्व
री गणपति किसी भी शुभ कार्य से पहले पूजे जाने वाले प्रथम देव हैं। अष्टोत्तर शतनाम पूजन करने से:
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जीवन, करियर व परिवार के अवरोध दूर होते हैं
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शिक्षा, व्यापार व नौकरी में सफलता मिलती है
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बुद्धि, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
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नकारात्मकता, दोष व अशुभ प्रभाव कम होते हैं
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धन, सुख, समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है
गणपति अष्टोत्तर पूजन कब करें
यह पूजन किसी भी दिन किया जा सकता है। विशेष रूप से शुभ दिन:
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सोमवार, मंगलवार, चतुर्थी
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संकष्टी चतुर्थी
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विनायक चतुर्थी
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गणेश चतुर्थी
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नए कार्य की शुरुआत, गृह प्रवेश, परीक्षा, यात्रा, व्यापार आरंभ आदि
पूजन के लिए आवश्यक सामग्री
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श्री गणेश की मूर्ति या चित्र
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हल्दी, कुमकुम, चंदन
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फूल, अक्षत, पान के पत्ते, सुपारी
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फल, मिठाई (विशेषकर मोदक)
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दीपक, धूप
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पंचामृत
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जल भरा कलश
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कपूर
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अगरबत्ती
गणपति पूजन विधि — चरणबद्ध विवरण
1. तैयारी
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स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें
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पूजा स्थान को साफ करें
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गणपति की मूर्ति/चित्र को पूर्व दिशा में रखें
2. संकल्प
दाहिने हाथ में जल लेकर अपनी मनोकामना का संकल्प करें।
3. ध्यान
“ॐ गं गणपतये नमः” का जप कर भगवान गणेश का ध्यान करें।
4. आवाहन
“ॐ गणपतये नमः, आवाहयामि” कहकर भगवान को आमंत्रित करें।
5. आसन समर्पण
फूल अर्पित करें: “ॐ आसनाय नमः”
6. पाद्य, अर्घ्य, आचमन
गणपति को सम्मानपूर्वक जल अर्पित करें।
7. स्नान (अभिषेक)
सरल पूजा में कुछ जल अवश्य चढ़ाएँ।
पूर्ण पूजा में अभिषेक करें:
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दूध
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दही
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घी/शहद
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चीनी
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नारियल पानी
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हल्दी जल
8. अलंकरण
हल्दी, कुमकुम, चंदन लगाएँ। फूल, माला और वस्त्र अर्पित करें।
9. अर्चना – 108 नामों का जाप
नीचे दिए गए 108 नामों का उच्चारण कर अक्षत या पुष्प अर्पित करें।
10. नैवेद्य
फल, मिठाई, मोदक अर्पित करें।
11. आरती
कपूर जलाकर आरती करें – “जय गणेश जय गणेश…”
12. प्रार्थना
स्वास्थ्य, सफलता और कल्याण की कामना करें।
श्री गणपति के 108 नाम (अष्टोत्तर शतनामावली)
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ॐ सुमुखाय नमः
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ॐ एकदन्ताय नमः
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ॐ कपिलाय नमः
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ॐ गजकर्णाय नमः
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ॐ लम्बोदराय नमः
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ॐ विकटाय नमः
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ॐ विघ्नराजाय नमः
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ॐ धूम्रवर्णाय नमः
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ॐ भालचन्द्राय नमः
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ॐ विनायकाय नमः
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ॐ गणाध्यक्षाय नमः
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ॐ भूतगणेश्वराय नमः
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ॐ गणेश्वराय नमः
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ॐ हेरम्बाय नमः
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ॐ स्कन्दपूर्वजाय नमः
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ॐ शूर्पकर्णाय नमः
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ॐ अग्निजाय नमः
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ॐ विघ्ननाशनाय नमः
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ॐ एकश्रृंगाय नमः
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ॐ कृष्णपिङ्गाक्षाय नमः
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ॐ गजवक्त्राय नमः
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ॐ लम्बोदराय नमः
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ॐ शूर्पकर्णाय नमः
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ॐ हेरम्बाय नमः
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ॐ सूर्यकर्णाय नमः
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ॐ एकदन्ताय नमः
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ॐ चतुर्होत्राय नमः
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ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
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ॐ ब्रह्मप्रियाय नमः
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ॐ ब्रह्मविद्याय नमः
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ॐ ब्रह्मानन्दाय नमः
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ॐ ब्रह्मणे नमः
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ॐ बृहन्मुखाय नमः
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ॐ बुद्धिप्रियाय नमः
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ॐ बुद्धिवर्धनाय नमः
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ॐ बुद्धिदाय नमः
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ॐ बुद्धिनाथाय नमः
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ॐ बुद्धिसागराय नमः
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ॐ बुद्धिवाहनाय नमः
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ॐ भक्तविघ्नविनाशनाय नमः
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ॐ भक्तप्रियाय नमः
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ॐ भक्तजनप्रियाय नमः
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ॐ भक्तिप्रियाय नमः
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ॐ भक्तविघ्ननाशनाय नमः
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ॐ बालाय नमः
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ॐ बालविघ्ननाशनाय नमः
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ॐ बालप्रमथनाय नमः
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ॐ बालचन्द्राय नमः
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ॐ बलेशाय नमः
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ॐ बलाध्यक्षाय नमः
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ॐ बलभद्राय नमः
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ॐ बालयुक्ताय नमः
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ॐ भावाय नमः
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ॐ भावनाथाय नमः
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ॐ भावरोगहराय नमः
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ॐ भावेश्वराय नमः
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ॐ भावात्मजाय नमः
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ॐ भावबन्धविमोचनाय नमः
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ॐ भावान्ताय नमः
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ॐ भावप्रियाय नमः
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ॐ भयपहाय नमः
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ॐ भावरोगहराय नमः
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ॐ भयनाशनाय नमः
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ॐ भुवनेश्वराय नमः
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ॐ भूताधिपाय नमः
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ॐ भूतपालनाय नमः
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ॐ भूतप्रियाय नमः
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ॐ भूतवन्द्याय नमः
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ॐ भूतवाहनाय नमः
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ॐ भूताध्यक्षाय नमः
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ॐ भूतनाथाय नमः
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ॐ भुतेश्वराय नमः
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ॐ भूतप्रमथनाय नमः
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ॐ भूतभवनाय नमः
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ॐ भूतहराय नमः
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ॐ भूतमुख्याय नमः
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ॐ भूतवास्याय नमः
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ॐ भुतेश्वराय नमः
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ॐ भूतविघ्नविनाशनाय नमः
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ॐ भूताराय नमः
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ॐ भूताधिपाय नमः
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ॐ भूतमतये नमः
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ॐ भूतवर्णाय नमः
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ॐ भूतग्रसाये नमः
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ॐ भूतपालकाय नमः
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ॐ भूतकेशाय नमः
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ॐ भूताध्यक्षाय नमः
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ॐ भूतप्राणनिलयाय नमः
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ॐ भूतसिद्धिप्रदाय नमः
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ॐ भूताराध्याय नमः
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ॐ भूतभव्याय नमः
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ॐ भूतवनाय नमः
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ॐ भूताचार्याय नमः
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ॐ भूतकृतये नमः
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ॐ भूतप्रत्ययाय नमः
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ॐ भूतकर्मणे नमः
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ॐ भूतमुक्तिदाय नमः
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ॐ भूतभावाय नमः
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ॐ भूतकान्ताय नमः
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ॐ भूतकेशाय नमः
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ॐ भूताधिपाय नमः
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ॐ भूताधाम्ने नमः
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ॐ भूतवर्णाय नमः
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ॐ भूतभूषणाय नमः
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ॐ भूतपावनाय नमः
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ॐ भूतमयाय नमः
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ॐ भूतसंघनाशनाय नमः
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ॐ भूताधीशाय नमः
108 नामों के जाप के लाभ
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विघ्न बाधाओं का नाश
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बुद्धि, ज्ञान और स्मृति में वृद्धि
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धन, सफलता और समृद्धि की प्राप्ति
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नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
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परिवार में शांति और सौहार्द
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मनोकामनाओं की शीघ्र पूर्ति
समापन
री गणपति अष्टोत्तर शतनाम पूजन एक अत्यंत शुभ और प्रभावशाली आध्यात्मिक साधना है। इसे नियमित रूप से करने से जीवन में शांति, सफलता, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।